वास्तु-विद्या विस्तार व विषय

वास्तु-विद्या विस्तार एवं विषय समराङ्गण वास्तु-शास्त्रीय पुराण है। समराङ्गण के प्रथम सात अध्यायों में वास्तु- विद्या के व्यापक स्वरूप, विस्तार एवं विषयों की पौराणिक शैली में बड़ी सुन्दर अवतारणा की गई है। तीसरे अध्याय के उपोद्घात में महासमागमन' तथा विश्वकर्मा और उसके पुत्रों का सम्वाद' इन दो अध्यायों में प्रतिपादित…

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