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जापान का आधुनिकीकरण

जापान का आधुनिकीकरण प्रशांत महासागर के आंचल में स्थित पूर्वी एशिया का शक्तिशाली देश जापान, विश्व में प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रहा था। 12वीं शताब्दी तक यूरोपवासी इस देश से परिचित नहीं थे पुनर्जागरणकाल के खोजी अभियान में यूरोपीय नाविक जापान के सम्पर्क में आये। जापान उत्तर में कुरिल द्वीप समूह से दक्षिण […]

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राष्ट्रसंघ : परिचय

राष्ट्रसंघ : परिचय नवम्बर 1918 में प्रथम विश्वयुद्ध के पश्चात् जो परिणाम निकले, मानवता के लिए विनाशकारी थे। युद्धों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए, अन्तर्राष्ट्रीय सम्बंधों के नियमन के लिए ‘राष्ट्रसंघ’ नामक संगठन की 10 जनवरी, 1920 को स्थापना एक महत्त्वपूर्ण घटना तथा पेरिस शांति (1919 ई.) की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि थी। राष्ट्रसंघ की स्थापना […]

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विश्व युद्व के 07 परिणाम

विश्व युद्व के 07 परिणाम 1914 से 1918 ई. अर्थात् 4 वर्ष 6 माह तक चलने वाला विश्व का प्रथम युद्ध बड़े पैमाने पर लड़ागया था। इस युद्ध में लगभग 36 देशों ने भाग लिया था। दोनों पक्षों की ओर से लगभग छः करोड़ पचास लाख सैनिकों ने भाग लिया। यह प्रथम युद्ध था, जिसमें […]

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प्रथम विश्व युद्ध के 06 कारण

प्रथम विश्व युद्ध के 06 कारण “मैं विश्व युद्ध को अपनी आँखों से नहीं देख सकूंगा, लेकिन आप देखेंगे और यह निकट पूर्व सेआरम्भ होगा।”-बिस्मार्क बिस्मार्क का यह कथन स्पष्ट करता है कि प्रथम विश्व युद्ध सिर्फ 28 जून, 1914 को ऑस्ट्रिया के भावी सम्राट् फ्रेंज फर्डिनेण्ड और उसकी पत्नी सोफी की हत्या बोस्नियाई युवक […]

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नेपोलियन का साम्राज्य : पतन एवं पटापेक्ष (1808-1815)

नेपोलियन का साम्राज्य : पतन एवं पटापेक्ष (1808-1815) पुर्तगाल पर अधिकार (1807) : पुर्तगाल और ब्रिटेन के मध्य आर्थिक और राजनीतिक सम्बन्ध काफी गहरे थे। पुर्तगाल ने महाद्वीपीय व्यवस्था को लागू करने से मना कर दिया। नेपोलियन ने स्पेन के साथ मिलकर पुर्तगाल पर अधिकार की योजना बनाई। फ्रांस और स्पेन की संयुक्त सेनाओं ने […]

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नेपोलियन सम्राट के रूप में (1804-1814)

नेपोलियन सम्राट के रूप में (1804-1814) नेपोलियन ने अपनी लोकप्रियता का लाभ उठाते हुये, 1802 में सीनेट से यह प्रस्ताव पारित करवा लिया कि नेपोलियन को आजीवन कॉन्सल के पद पर नियुक्त किया जाता है और उसे अपना उत्तराधिकारी मनोनीत करने का भी अधिकार होगा इस प्रस्ताव पर मतदान द्वारा फ्रांस की जनता की राय […]

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नेपोलियन के 06 आन्तरिक सुधार

नेपोलियन के 06 आन्तरिक सुधार इस प्रकार अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रांस की स्थिति को सुदृढ़ करने के बाद नेपोलियन ने फ्रांस की आन्तरिक सुधार-प्रक्रिया पर अपना ध्यान केन्द्रत किया। हेज ( माडर्न यूरोप टू 1870) के शब्दों में, ‘कान्सुलेटका काल ( 1799-1804) फ्रांस की संस्थाओं के विकास में बोनापार्ट के मुख्य एवं सर्वाधिक स्थायी योगदानों […]

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नेपोलियन बोनापार्ट का प्रारंभिक जीवन और उसका उत्कर्ष

नेपोलियन बोनापार्ट का प्रारंभिक जीवन और उसका उत्कर्ष नेपोलियन बोनापार्ट (1769-1821) का नाम विश्व इतिहास के उन महत्त्वपूर्ण एवं चमत्कारी व्यक्तियोंमें शामिल किया जाता है जिन्होंने शक्ति के अत्यधिक केन्द्रीकरण के माध्यम से इतिहास के एक युग कोअपने विचारों के अनुकूल दिशा प्रदान की। नेपोलियन का योगदान कितना सार्थक था, या कितना घातक था, इस […]

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अमेरिकी क्रान्ति के 05 परिणाम

अमेरिकी क्रान्ति के 05 परिणाम अमेरिका की क्रान्ति या स्वतन्त्रता संग्राम विश्व इतिहास की एक महत्त्वपूर्ण एवं युगांतरकारी घटना थी। विश्व के इतिहास में राजनीतिक दृष्टि से इस क्रान्ति का सबसे महत्त्वपूर्ण योगदान यह था कि इसनेराजतन्त्र एवं कुलीनतन्त्र के स्थान पर लोकतन्त्र के आदर्श को प्रतिष्ठापित किया। इस दृष्टि से अमेरिका कीक्रान्ति फ्रांस की […]

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अमेरिकी क्रान्ति/स्वतन्त्रता संग्राम का तात्कालिक कारण : शुरुआत, प्रगति एवं घटनाक्रम (1773 से 1783)

अमेरिकी क्रान्ति/स्वतन्त्रता संग्राम का तात्कालिक कारण : शुरुआत, प्रगति एवं घटनाक्रम (1773 से 1783) ब्रिटिश सरकार की विशिष्ट चाय नीति : 1773 में ब्रिटिश सरकार द्वारा की गई एक गलती ने अमरीकी उपनिवेशवासियों में क्रान्ति की भावना को प्रस्फुटित होने का अवसर प्रदान किया यह गलती थी प्रधानमंत्री लार्ड नार्थ द्वारा अपनाई गई विशिष्ट चाय […]