प्राचीन भारत में वास्तु विद्या की परम्पराये

प्राचीन भारत में वास्तु विद्या की परम्पराये परम्परायें एवं प्रवर्तक समराङ्गण सूत्रधार मध्यकालीन कृति है। इस ग्रंथ में जिस वास्तुविद्या के दर्शन होते हैं वह अत्यन्त प्रौढ़ एवं समुन्नत है। भारतीय वास्तु शास्त्र के प्रसिद्ध ग्रंथों का निर्माण भी इस काल के पूर्व हो चुका था। इन विभिन्न ग्रंथों के अवलोकन से वास्तु-विद्या की जो … Continue reading प्राचीन भारत में वास्तु विद्या की परम्पराये